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Slogans, Nibandh, Essay of Diwali in Hindi

Slogans on diwali festival in hindi

  • जब हो प्रदूषण मुक्त दीवाली, लायें हर जगह खुश-हाली।
  • सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाएं प्रकृति की सुंदरता बनाए।
  • जब दियों से हो सकता है उजियारा तो क्यूँ ले हम पटाकों का सहारा।
  • दिवाली का जश्न मनाएं पर्यावरण सुरक्षित बनाएं।
  • हवा और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए सुरक्षित दिवाली मनाएं।
  • हम सब ने मिलकर ठाना है, फटाकें नहीं जलाना हैं, प्रकृति को बचाना हैं, दिल से दिल को मिलाना हैं, इस साल इको फ्रेंडली दिवाली मनाना हैं।
  • ग्रीन दिवाली मनाएं पटाखे से बचें प्रकृति का जश्न मनाएं।
  • इस दिवाली में पटाखे नहीं पेड़ लगाओ।
  • चलो सोना और फूल के साथ घर भरें, विस्फोटक और धुएं से नहीं।
  • यह दीवाली ने अपने अहंकार के पटाखे को जलाओं।
  • आओं सब मिलकर वातावरण को बचाएं रोके उसको जो हमारी विरासत को निगल जाएँ।
  • चिड़िया हमें हसाएं रे, बरखा हम सब को भायें रे, सारा जग हरा भरा हो जाएँ रे, प्रदुषण मुक्त दिवाली मनाकर आओं कुदरत को बचाएं रे!
  • हम वातावरण को बचायेंगे, तभी तो वातावरण हमें बचायेंगा !! Wishing you a Safe and green Diwali!
  • आइए रोशनी के त्योहार को दीये के साथ मनाएं और शोर के साथ नहीं। पटाखों को नहीं कहें और ग्रीन दिवाली मनाएं। शुभ दीपावली।
  • इस दिवाली के त्यौहार में दियें से सजाएं घर को और दिलों को रोशन करे दिए की रोशनी से ! इस दिवाली ना कहियें फटाकों को और मनाएं Green and Safe Diwali!!!
  • आओं हम साथ मिलकर ये वादा कर ले अपने साथ की यह खुशियों को त्यौहार मनायेंगे बिना पटाकों के साथ! शुभ दिवाली।

Diwali nibandh in Hindi

दिवाली हर साल रोशनी के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण त्यौहार है। इस उत्सव की घटना पर हर कोई बहुत खुश हो जाता है और बहुत सारी तैयारी के साथ मनाता है। दीवाली धनतेरस से पांच दिन का त्यौहार शुरू होता है और भाई डोज में समाप्त होता है। यह हर साल कार्तिक महीने के पंद्रहवें दिन गिरता है।

लोग दीवाली की मुख्य तारीख जैसे सफेद धुलाई, धूलने, पेंटिंग इत्यादि से कुछ दिन पहले अपने घरों की सफाई शुरू करते हैं। घरों को असली या कृत्रिम फूलों और अन्य सजावटी सामग्री का उपयोग करके सजाया जाता है। छोटे मिट्टी के दीपक और बिजली के बल्बों की रोशनी के कारण हर जगह बहुत चमकदार लग रहा है। ऐसा माना जाता है कि देवी लक्ष्मी दिवाली की रात में प्रत्येक घर की यात्रा करती है, यही कारण है कि हर कोई अपने घरों को देवी का स्वागत करता है। बदले में, देवी अपने भक्तों को स्वस्थ और समृद्ध जीवन के लिए आशीर्वाद देती है। इस दिन, हर कोई देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करता है और फिर अपने दोस्तों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों को उपहार और मिठाई वितरित करता है।

  • दीवाली हर किसी का सबसे पसंदीदा त्यौहार है। यह हिंदू धर्म में सबसे मजेदार, पवित्र और प्यारा त्यौहार है। यह हर साल पूरे देश के साथ-साथ विदेशों में (भारतीय लोगों द्वारा) बहुत खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। हर कोई (विशेष रूप से बच्चे) इस उत्सव के लिए बहुत उत्सुकता से इंतजार कर रहा है। यह त्यौहार प्राचीन काल से मनाया जाता है ताकि वह चौदह वर्ष के निर्वासन के बाद अपने राजा और भाई के साथ अपने राज्य और अयोध्या के साथ भगवान राम की खुश वापसी को चिह्नित कर सके। यह रोशनी और उत्सव का पांच दिन लंबा त्यौहार है, हर साल दशहरा के बीस दिन बाद गिरता है। यह हमें सर्दी के मौसम का आगमन महसूस करता है। यह हमारे जीवन में बहुत सारे आकर्षण और प्रसन्नता लाता है। दिवाली को दीपावली के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि हम घर से कई दीपक की पंक्ति या संग्रह बनाते हैं। लोग मुख्य तारीख से कुछ दिन पहले त्योहार की तैयारी शुरू करते हैं जैसे कि घरों की सफाई, इमारतों की सफेद धुलाई, सजावट, खिलौने, उपहार, फूल और त्यौहार के लिए अन्य आवश्यक चीजें। इस दिन लोग एक-दूसरे को बहुत खुश और उपहार वितरित करते हैं।

Importance of diwali festival in hindi

दिवाली का महत्व

आज प्रकाश का त्यौहार है। दीवाली का मतलब है प्रकाश का त्यौहार। आप में से हर कोई अपने आप में एक प्रकाश है। यह त्यौहार सारे भारत, नेपाल, सिंगापोर, मलेसिया, श्री लंका, इंडोनेसिया, मारीशस, सूरीनाम, त्रिनिदाद और दक्षिण अफ्रीका में मनाया जाता है। लोग एक दूसरे को दिवाली की शुभ कामनाएं देते हैं और मिठाइयाँ बाँटते हैं। दिवाली के समय हम अतीत के सारे दुःख भूल जाते हैं। जो कुछ भी दिमाग में भरा पड़ा हो, आप पटाखे चलाते हो और सब भूल जाते हो। पटाखों की तरह अतीत भी चला जाता है,सब जल जाता है और मन नया बन जाता है। यही दिवाली है।
एक मोमबत्ती पर्याप्त नहीं है। हर किसी को खुश और प्रकाशित होना होगा। हर किसी को खुश और बुद्धिमान होना होगा। बुद्धिमता का प्रकाश प्रज्वलित हो चुका है। रोशनी को ज्ञान का द्योतक मानते हुए हम ज्ञान रूपी प्रकाश करते है, और आज उत्सव मनाते हैं। आप क्या कहते हो?

अतीत को जाने दो, भूल जाओ

अतीत को जाने दो, भूल जाओ। जीवन का उत्सव बुद्धिमता से मनाओ। बुद्धिमता के बिना वास्तव में उत्सव नहीं मनाया जा सकता। बुद्धिमता यह जान लेना है कि ईश्वर मेरे साथ है। आज के दिन हम सब के पास जो भी सम्पति है उसे देखो। याद रखो आप के पास बहुत सारी सम्पति है और पूर्णता महसूस करो। नहीं तो मन हमेशा कमी में ही रहेगा, “ओह यह नहीं है…. वो नहीं है, इसके लिए दुखी, उसके लिए दुखी।” कमी की ओर से प्रचुरता की ओर बढ़ो। प्राचीन पद्वति है कि अपने सामने सभी सोने चांदी के सिक्के रखे जाते हैं, आप अपनी सारी सम्पति सामने रखते हो और कहते हो, “देखो भगवान ने मुझे इतना सब दिया है। मैं बहुत आभारी हूँ।” बाईबल में कहा गया है जिनके पास है उन्हें और मिलेगा, और जिनके पास नहीं है, जो भी थोड़ा बहुत है वो भी ले लिया जायेगा। उसकी प्रचुरता महसूस करो। तब आपको पता चलेगा आपको बहुत दिया गया है।

तब हम लक्ष्मी पूजा करते हैं। धन और एश्वर्य की देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है, और गणेश – चेतना का आवेग जो हमारे रास्ते के सारे विघ्न हर लेते है – यह जप आज के दिन किया जाता है।

दौलत हमारे भीतर है

यूरोप में २७ राष्ट्र हैं। हम हर राष्ट्र के लिए एक दिया जलाएंगे। तब हम कुछ देर के लिए ध्यान करेंगे। जब हम ध्यान करते हैं हम सार्वभौमिक आत्मा को अपनी प्रचुरता के लिए धन्यवाद देते हैं। हम और ज्यादा के लिए भी प्रार्थना करतें हैं ताकि हम और ज्यादा सेवा कर सकें। सोना चांदी केवल एक बाहिरी प्रतीक है। दौलत हमारे भीतर है। भीतर में बहुत सारा प्रेम, शांति और आनंद है। इससे ज़्यादा दौलत आपको और क्या चाहिए? बुद्धिमत्ता ही वास्तविक धन है। आप का चरित्र, आपकी शांति और आत्म विश्वास आपकी वास्तविक दौलत है। जब आप ईश्वर के साथ जुड़ कर आगे बढ़ते हो तो इससे बड़कर कोई और दौलत नहीं है। यह शाही विचार तभी आता है जब आप ईश्वर और अनंतता के साथ जुड़ जाते हो। जब लहर यह याद रखती है कि वह समुद्र के साथ जुड़ी हुई है और समुद्र का हिस्सा है तो विशाल शक्ति मिलती है।

Essay on Diwali for class 3 and class 6 In English

India is the great country known as the land of festivals. One of the famous and most celebrated festival is Diwali or Deepawali which falls every year 20 days after the festival of Dussehra in the month of October or November. It is celebrated to commemorate the returning of Lord Rama to the Kingdom after the 14 years of exile. People of Ayodhya shown their their joy and happiness by lighting the lamps in the whole kingdom and firing crackers.

Diwali is known as the festival of lights or row of lights which is the symbol of coming of Lakshmi to the home and victory of truth over the evil. At this day Lord Rama had killed the demon king of Lanka, Ravan in order to save the earth from the bad activities. People do whitewash and clean up of their houses, offices, and shops to welcome the Lakshmi. They decorate their houses, lighting lamps and firing crackers.

It is common beliefs of people that buying new things at this day would bring home the Lakshmi. People buy gifts, clothes, sweets, decorative things, fire crackers and diyas. Kids buy toys, sweets and crackers from the market. In the evening, Lakshmi puja is held by the people at their home by lighting lamps. People take bath, wear new clothes and then start puja. After puja they distribute prasad and share gifts to each other. They pray to God for the happy and prosperous life. And in the last they enjoy burning fire crackers and playing games.

My Favourite festival Diwali essay in English

The Diwali festival is a very picturesque festival observed all over India. It is the festival of lights. It takes place at the same time as the Kali puja festival in Bengal, on the last day of the dark fortnight in the month of Kartick (October-November). Goddess Lakshmi is worshipped on this day. On this day, Ram returned to Ayodhya after winning over Ravana.

So, Diwali Festival is also a celebration of victory of good over evil. The main features of the celebrations are the illumination of houses with rows of lights. All the houses are lit up with thousands of small earthen-ware lamps. They present a very colourful spectacle. The lights from the houses make the streets ad lanes as bright as day. The bonfires, fire-works add grandeur to the illumination. Children and grownups enjoy fire-works and crackers alike.

The sudden sound of crackers often startles the passers-by. The cities and suburbs are full of commotion during the night. The Diwali is spoken of in Bengal as Dipanvita. It is so called from the grand illumination prevailing at night.

 

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